देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ता दिखाई दे रहा है। 13 अगस्त 2026 को पूर्वी भारत विशेष रूप से मौसम की सक्रियता के केंद्र में है। भारत मौसम विज्ञान विभाग की जानकारी के मुताबिक ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी और कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।
ओडिशा में स्थिति को देखते हुए रेड अलर्ट जारी होने की रिपोर्ट है। बंगाल की खाड़ी में बने अच्छी तरह चिह्नित कम दबाव के क्षेत्र का असर बारिश की गतिविधियों पर दिखाई दे रहा है। पिछले 24 घंटों में ओडिशा के कई हिस्सों में महत्वपूर्ण वर्षा दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
IMD के विस्तृत मौसम पूर्वानुमान में 13 अगस्त को गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना बताई गई है। इसके साथ ही झारखंड और ओडिशा में मध्यम से गंभीर स्तर की बिजली गिरने की गतिविधि की भी संभावना जताई गई है।
भारी बारिश के दौरान सबसे बड़ी चिंता निचले क्षेत्रों में जलभराव, सड़क यातायात में बाधा और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी परिस्थितियों को लेकर होती है। पहाड़ी या ढलान वाले क्षेत्रों में लगातार बारिश भूस्खलन का खतरा भी बढ़ा सकती है। हालांकि किसी विशेष जिले में वास्तविक स्थिति स्थानीय प्रशासन और वहां के मौसम अलर्ट के आधार पर अलग-अलग हो सकती है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान में उत्तर-पूर्व भारत के लिए भी बारिश का दौर जारी रहने की बात कही गई है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 13 से 19 अगस्त के बीच व्यापक बारिश की संभावना जताई गई है।
बारिश के दौरान बिजली गिरने का खतरा भी गंभीर होता है। खुले मैदान, पेड़ के नीचे या ऊंची संरचनाओं के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए। तेज गर्जना सुनाई देने पर सुरक्षित पक्के भवन के अंदर जाना बेहतर है।
वाहन चालकों को पानी से भरी सड़कों पर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। किसी सड़क या पुल के ऊपर पानी का तेज बहाव दिखाई देने पर उसकी गहराई का अनुमान लगाकर वाहन आगे बढ़ाना खतरनाक हो सकता है। स्थानीय प्रशासन यदि किसी रास्ते को बंद करता है तो वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करना चाहिए।
मछुआरों और समुद्री गतिविधियों से जुड़े लोगों के लिए भी बंगाल की खाड़ी की मौसम स्थिति महत्वपूर्ण है। समुद्र की वास्तविक स्थिति और चेतावनी के संबंध में IMD तथा स्थानीय प्रशासन की नवीनतम advisory का पालन किया जाना चाहिए।
13 अगस्त की स्थिति में पूर्वी भारत मानसून की सबसे सक्रिय पट्टियों में से एक बना हुआ है। अगले कुछ दिनों में मौसम बदल सकता है, इसलिए लोगों को पुराने स्क्रीनशॉट या सोशल मीडिया संदेशों के बजाय नवीनतम जिला-स्तरीय चेतावनी देखनी चाहिए।